प्रसार भारती बोर्ड के अंशकालिक सदस्य बने दैनिक जागरण के मुख्य संपादक और भाजपा नेत्री

दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त, संगीतकार सलीम मर्चेंट, आलोक अग्रवाल, शाइना एनसी और अशोक कुमार टंडन को नियुक्त किया गया.

प्रसार भारती बोर्ड के अंशकालिक सदस्य बने दैनिक जागरण के मुख्य संपादक और भाजपा नेत्री
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भारत सरकार ने प्रसार भारती बोर्ड में खाली पड़े 5 अंशकालिक पदों पर सदस्यों की नियुक्ति कर दी है. मंगलवार शाम को सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में नियुक्तियों की जानकारी दी गई है. हालांकि प्रसार भारती के चेयरमैन का पद अभी भी खाली है.

मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक चयन सीमित के सुझावों पर राष्ट्रपति ने 5 सदस्यों के चयन को मंजूरी दी. बोर्ड में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त, संगीतकार सलीम मर्चेंट, आलोक अग्रवाल, शाइना एनसी और अशोक कुमार टंडन को शामिल किया गया है.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश

इन सदस्यों का कार्यकाल अलग-अलग होगा. संजय गुप्त और अशोक कुमार टंडन बोर्ड में 22 नवंबर 2025 तक, आलोक अग्रवाल और साइना एनसी 21 नवंबर 2023 तक, सलीम मर्चेट 22 नवंबर 2021 तक बोर्ड के सदस्य रहेंगे.

बोर्ड में शामिल संजय गुप्त दैनिक जागरण ग्रुप के मुख्य संपादक है. वहीं अशोक कुमार टंडन पिछले साल ही बोर्ड के पूर्णकालिक सदस्य पद से रिटायर हुए थे, वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मीडिया सलाहकार भी रह चुके है.

आलोक अग्रवाल मीडिया जगत से जुड़े हुए है, उन्होंने न्यूज़ 18 और ज़ी न्यूज़ समेत कई संस्थानों में काम किया है और शाइना एनसी भाजपा की प्रवक्ता हैं, जो लंबे समय से मीडिया में पार्टी के मुद्दों को रखती आई हैं. संगीतकार सलीम मर्चेंट बॉलीवुड से दूसरे सदस्य हैं जिन्हें बोर्ड में चुना गया है. इससे पहले अभिनेत्री काजोल भी बोर्ड की सदस्य है.

सभी नव नियुक्त सदस्य अंशकालिक (पार्ट टाइम) सदस्य है. इन पदों पर नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया हैं कि सदस्यों की नियुक्ति प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 तथा प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अध्यक्ष एवं पूर्णकालिक एवं अंशकालिक सदस्यों का वेतन, भत्ते नियम, 2000, जो समय-समय पर संशोधित होते रहे हैं, के प्रावधानों के अनुसार लागू होंगे. बता दें कि प्रसार भारती में आकाशवाणी और दूरदर्शन टेलीविजन नेटवर्क शामिल हैं.

हाल ही में चीन मामले में पीटीआई की रिपोर्टिंग से नाराज़ प्रसार भारती ने एजेंसी के सर्विस को खत्म करने को लेकर चेतावनी दी थी. प्रसार भारती, पीटीआई की स्थापना और उसके पूरे कामकाज पर देखिए इस सप्ताह की टिप्पणी.

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