Newslaundry Hindi
केरल के पत्रकार की गिरफ्तारी पर केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने पीएम और यूपी सीएम को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दलित समुदाय की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मौत के बाद उठे बवाल के बीच यूपी पुलिस ने सरकार की छवि बिगाड़ने के प्रयास और माहौल बिगाड़ने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें केरल के एक पत्रकार 35 वर्षीय सिद्दीक कप्पन भी शामिल हैं. पुलिस का आरोप है कि ये लोग हाथरस के बहाने उत्तर प्रदेश को जलाने की साजिश में शामिल हैं. ये गिरफ्तारी सोमवार को हाथरस टोल प्लाजा पर की गई थी.
पत्रकार सिद्दीक दिल्ली में रहकर रिपोर्टिंग करते हैं. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार के मुताबिक, दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे चार संदिग्धों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ़्तार किया गया है. इनका संबंध पीएफआई यानि पॉप्यूलर फ्रंट ऑफ इंडिया से निकला है.
वहीं केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जॉर्नलिस्ट ने पत्रकार सिद्दीक को छोड़ने के लिए सीएम योगी को पत्र लिखा है. यूनियन ने कहा कि कप्पन जो केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जॉर्नलिस्ट की दिल्ली यूनिट के सेक्रेटरी हैं, और दिल्ली में आधारित वरिष्ठ पत्रकार हैं. वे हाथरस में मौजूदा हालात की रिपोर्टिंग के लिए गए थे. जो रिपोर्टर का कर्तव्य है. हाथरस पुलिस और राज्य पुलिस विभाग ने हिरासत में लेने के बाद कोई सूचना मुहैया नहीं कराई है. हम सरकार से उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं.
इसके अलावा केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जॉर्नलिस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मामले में पत्र लिखकर पत्रकार की रिहाई की मांग की है. यूनियन का यह भी कहना है कि काफी प्रयास के बाद भी कल से हमारा पत्रकार से संपर्क नहीं हो पाया है. हम आपसे इस मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग करते हुए पत्रकार की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं.
Also Read
-
A trail of grief, little accountability: The Marion Biotech story after 68 children deaths
-
Extreme heat is quietly pushing women out of work
-
Mission Vatican in Kashi: The battle between ideology and faith
-
Meet Helle Lyng, the Norwegian journalist who asked Modi why he avoids the press
-
Rs 40,000 for more babies? Chandrababu Naidu’s plan is misguided