Newslaundry Hindi
अर्णब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल पाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अर्णब गोस्वामी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अर्णब गोस्वामी को जमानत दे दी.
बुधवार सुबह इस केस की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में शुरू हुई. इस मामले में अर्णब की पैरवी वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने की तो वहीं महाराष्ट्र सरकार की पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कर रहे थे.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर कोर्ट इस केस में दखल नहीं देता है, तो केस बर्बादी के रास्ते पर आगे बढ़ेगा.
कोर्ट ने कहा कि 'आप विचारधारा में भिन्न हो सकते हैं लेकिन संवैधानिक अदालतों को इस तरह की स्वतंत्रता की रक्षा करनी होगी. अगर हम एक संवैधानिक अदालत के रूप में कानून नहीं बनाते हैं और स्वतंत्रता की रक्षा नहीं करते हैं तो कौन करेगा?'
बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार करते हुए अर्णब गोस्वामी को सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अपील करने को कहा था. वहीं अलीबाग सेशन कोर्ट ने भी जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया गया था.
बीते रविवार को अलीबाग से तलोजा जेल में शिफ्ट करने के दौरान अर्णब ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया था कि जेल स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें उनके वकील से भी बात नहीं करने दी.
गौरतलब हैं कि मुंबई पुलिस ने बीते सप्ताह बुधवार को अर्णब गोस्वामी को 2018 के एक आत्महत्या मामले में गिरफ्तार किया था. जिसके बाद निचली अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
क्या है 2018 का मामला
साल 2018 में 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने अलीबाग के अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. इस दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अर्णब गोस्वामी और दो अन्य लोगों ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया. इस कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद बिगड़ गई है और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है.
इस मामले को कोर्ट ने पहले सबूत ना होने के कारण बंद कर दिया था. इस केस को पुलिस ने फिर से खोला है. अन्वय नाइक की बेटी ने गृहमंत्री अनिल देशमुख से मिलकर इस मामले की फिर से जांच कराने की मांग की थी. जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है.
Also Read
-
IE investigation: Ex-CEC calls dissent ‘unprecedented’, but some media outlets fall for ‘sources’ again
-
From vanguard to bystanders: What happened to teachers’ collective voice?
-
‘Found out after video went viral’: Father of Jamui assault survivor says ‘arrest is not enough’
-
BAPS: The Hindu organisation at the heart of Modi’s cultural diplomacy
-
The men building AI want us to fear it. We should – but not for the reasons they give