Newslaundry Hindi
कौन हैं वो पत्रकार जिसने प्रेस क्लब में कराया नरसिंहानंद सरस्वती का कार्यक्रम
हाल ही में हिंदुत्ववादी नेता तथा शिवशक्ति धाम डासना देवी मंदिर (गाजियाबाद) के प्रमुख पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती ने 1 अप्रैल को दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने एक विवादित बयान दिया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. तब से सोशल मीडिया पर यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर विवादित नरसिंहानंद सरस्वती के प्रोग्राम की व्यवस्था प्रेस क्लब में किसने की.
बता दें कि इस प्रोग्राम की व्यवस्था प्रेस क्लब के सदस्य और पत्रकार विजय कुमार ने की थी.
नरसिंहानंद सरस्वती की प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस की व्यवस्था कराने वाले पत्रकार विजय कुमार न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए कहते हैं, "देखो मैं किसी मीटिंग मे बैठा हूं. दूसरी बात जो आदमी आ रहा है वो क्या बोलेगा यह तो पता नहीं होता है. उनसे किसी ने व्यक्तिगत सवाल पूछे तो उन्होंने जवाब दे दिए. मुझे पता होता कि गाली गलौज करेंगे या झगड़ा करेंगे तो मैं उनको यहां अनुमति क्यों दिलवाता.
आपको नहीं पता था कि वह फिलहाल विवादों में हैं. उनके कई विवादित बयान भी सामने आए हैं. इस पर वह कहते हैं, "इस बारे में उन्हें पहले से कुछ नहीं पता था"
वह आगे कहते हैं, "हम तो उनके मंदिर जाते रहते हैं. एक दिन प्रसाद चढ़ाने गए तो उनके पीए मिल गए नाम तो याद नहीं है, तब वो कहने लगे तो हमने करा दिया."
बता दें कि वीडियो में धार्मिक नेता मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादित बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान वह पैगंबर मुहम्मद को गाली दे रहे थे.
द वायर की खबर के मुतबिक दिल्ली पुलिस ने आप विधायक अमानतुल्ला खान की शिकायत पर बीते शनिवार को नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को कथित तौर पर आहत करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की है.
मालूम हो कि पिछले महीने गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के अंदर पानी पीने की वजह से 14 वर्षीय एक मुस्लिम लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ था. तब नरसिंहानंद सरस्वती ने इस घटना का समर्थन किया था.
Also Read
-
India’s richest civic body, world-class neglect: Why are people still dying on Mumbai’s roads?
-
Tamil Nadu vs Uttar Pradesh debt: Why the comparison is misleading
-
Himachal’s Congress govt spent twice as much on ads as previous BJP govt did in 2 years
-
Ramnath Roenka Awards 2025 | The worst of Indian TV journalism ft. @thedeshbhakt
-
When privilege pretends to be economics: Why Deepinder Goyal gets it royally wrong