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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 163 मामलों में निजी टीवी चैनलों पर की कार्रवाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने 2019 से अब तक 163 मामलों में निजी टीवी चैनलों पर कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई की है.
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश के सवालों का लिखित जवाब दिया, प्रकाश ने पूछा था कि क्या सरकार ने टीवी समाचार शो में वृद्धि देखी है, जहां प्रतिभागियों को सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणी करने की अनुमति दी गई थी और क्या सरकार ने ऐसे मामलों में कार्रवाई की थी. प्रकाश ने उन टीवी चैनलों और बहसों का ब्योरा भी मांगा, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.
ठाकुर ने बताया कि निजी टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रमों को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 में निर्धारित कार्यक्रम संहिता का पालन करना आवश्यक है.
उन्होंने कहा, "सरकार के पास कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन करने वाले निजी टीवी चैनलों के संबंध में कार्रवाई करने के लिए एक संस्थागत तंत्र है. पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान, सरकार ने सलाह, चेतावनी, माफी स्क्रॉल आदेश और ऑफ-एयर आदेश जारी करके 163 मामलों के संबंध में कार्रवाई की है."
सरकार द्वारा सांप्रदायिक तनाव बढ़ने वाले कार्यक्रमों को लेकर उठाए गए आवश्यक कदमों के बारे में ठाकुर ने कहा कि उनके मंत्रालय ने 23 अप्रैल, 2022 को सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन अधिनियम, 1995 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत कार्यक्रम संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सलाह भेजी थी.
यह सलाह यूक्रेन युद्ध की कवरेज और दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर दी गई. एडवाइजरी में कहा गया है कि कुछ टीवी समाचार चैनलों ने "झूठे दावे" किए थे, वे "निंदनीय सुर्खियों" का भी प्रयोग कर रहे थे और यूक्रेन युद्ध पर अपनी कवरेज में "दर्शकों को उकसाने के इरादे से मनगढ़ंत और अतिशयोक्तिपूर्ण बयान" दे रहे थे. वहीं जहांगीरपुरी हिंसा की कवरेज सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने वाली है."
बता दें कि मंत्रालय समय-समय पर प्राइवेट सैटेलाइट चैनलों को कार्यक्रम संहिता का पालन करने के संबंध में एडवाइजरी जारी करता रहता है. 23 अप्रैल 2022 को मंत्रालय द्वारा प्राइवेट सैटेलाइट चैनलों कार्यक्रम संहिता और केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 में शामिल नियमों का सख्ती से पालन करने संबधी एडवाइजरी जारी की थी.
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