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पत्रकार के बचाव में उतरे सत्ताधारी नेता, वाह सुधीरजी वाह...
लत ऐसी लगी है कि तेरा नशा मुझसे छोड़ा नहीं जाता, हकीम भी कह रहा है कि इक बूंद इश्क भी अब जानलेवा है.
शोहरत की, मशहूरी के शॉर्ट कट की और जहालत की लत इन दिनों सोशल मीडिया पर बच्चों का बचपन खराब कर रही है. पिछले हफ्ते भर से नवदीप ठक्कर नाम की एकबच्ची के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार तैर रहे हैं. महज 10 से 12साल की कच्ची उम्र वाली इस बच्ची की हिंसक भाषा, आक्रामकता, और बड़बोलेपनने उसका खूबसूरत बचपन छीन लिया है.
उसका वीडियो देखकर आपको अवसाद हो सकताहै. आप इस बच्ची के मां-बाप पर गुस्सा और तरस दोनों खा सकते हैं. गुस्साशोहरत की हवस के चलते अबोध बच्ची को जटिल सियासी पगडंडियों पर फेंक देनेके लिए और तरस उसका बालसुलभ बचपन छीन लेने के लिए. इस हालत में खबरिया चैनलों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है.
टीवी के परदे पर रोजाना दिखने वाले आधे सच, अधूरे फसाने का बच्ची के दिमाग पर बुरा असर हुआ है. इसके अलावा श्रम कानूनों में कई राज्यों ने मनमाना बदलाव कर दिया है. इन सब मुद्दों पर देखिए हमारी साप्ताहिक टिप्पणी.
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