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मुंबई पुलिस ने कोर्ट में कहा, अर्णब गोस्वामी ने बार्क के पूर्व सीईओ के साथ मिलकर की टीआरपी में छेड़छाड़
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने अदालत में कहा कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता ने बार्क के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के साथ मिलीभगत कर रिपब्लिक टीवी और इसके हिंदी चैनल के लिए टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) में धोखाधड़ी की.
आउटलुक की खबर के मुताबिक, पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को दो चैनलों की टीआऱपी बढ़ाने के लिए ‘लाखों रुपये’ दिए.
नवभारत की खबर के मुताबिक पुलिस ने दावा करते हुए कहा कि बार्क के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया ने भी कुछ खास समाचार चैनलों के लिए दासगुप्ता के साथ मिलीभगत कर टीआरपी से छेड़छाड़ की.
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वेज ने कहा, "2017 में, गोस्वामी ने लोअर परेल में एक स्टार होटल में उन्हें (दासगुप्ता) को 6000 डॉलर का भुगतान किया और दासगुप्ता और उनके परिवार के लिए स्विट्जरलैंड और डेनमार्क की यात्रा का आयोजन किया. 2018 में, उन्होंने 20 लाख रुपये नकद का भुगतान किया, और 2019 में उन्होंने हवाई अड्डे के पास एक होटल में 10 लाख रुपये का भुगतान किया."
रिपोर्ट में कहा गया है- "वेज़ ने कहा कि जब गोस्वामी ने 2017 में रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया, तो उन्होंने रेटिंग में हेरफेर करने में दासगुप्ता की मदद मांगी और चैनल को नंबर 1 स्लॉट में ले गए. वे 2004 से एक-दूसरे को जानते थे, वेज़ ने कहा." पुलिस ने दासगुप्ता के "लैपटॉप, सेलफोन, एक घड़ी और चांदी के आभूषण" को जब्त कर लिया है.
कोर्ट ने सुनवाई के बाद दासगुप्ता की पुलिस हिरासत 30 दिसंबर तक बढ़ा दी है.
बता दें कि इससे पहले पुलिस ने बार्क के पूर्व सीईओ को पुणे से गिरफ्तार किया था. वह इस टीआरपी घोटले में गिरफ्तार किए गए 15वें व्यक्ति थे. उनसे पहले पुलिस ने बर्क के पूर्व सीओओ रामिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया गया था.
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट ने अदालत में कहा कि ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता ने बार्क के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के साथ मिलीभगत कर रिपब्लिक टीवी और इसके हिंदी चैनल के लिए टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) में धोखाधड़ी की.
आउटलुक की खबर के मुताबिक, पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को दो चैनलों की टीआऱपी बढ़ाने के लिए ‘लाखों रुपये’ दिए.
नवभारत की खबर के मुताबिक पुलिस ने दावा करते हुए कहा कि बार्क के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया ने भी कुछ खास समाचार चैनलों के लिए दासगुप्ता के साथ मिलीभगत कर टीआरपी से छेड़छाड़ की.
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वेज ने कहा, "2017 में, गोस्वामी ने लोअर परेल में एक स्टार होटल में उन्हें (दासगुप्ता) को 6000 डॉलर का भुगतान किया और दासगुप्ता और उनके परिवार के लिए स्विट्जरलैंड और डेनमार्क की यात्रा का आयोजन किया. 2018 में, उन्होंने 20 लाख रुपये नकद का भुगतान किया, और 2019 में उन्होंने हवाई अड्डे के पास एक होटल में 10 लाख रुपये का भुगतान किया."
रिपोर्ट में कहा गया है- "वेज़ ने कहा कि जब गोस्वामी ने 2017 में रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया, तो उन्होंने रेटिंग में हेरफेर करने में दासगुप्ता की मदद मांगी और चैनल को नंबर 1 स्लॉट में ले गए. वे 2004 से एक-दूसरे को जानते थे, वेज़ ने कहा." पुलिस ने दासगुप्ता के "लैपटॉप, सेलफोन, एक घड़ी और चांदी के आभूषण" को जब्त कर लिया है.
कोर्ट ने सुनवाई के बाद दासगुप्ता की पुलिस हिरासत 30 दिसंबर तक बढ़ा दी है.
बता दें कि इससे पहले पुलिस ने बार्क के पूर्व सीईओ को पुणे से गिरफ्तार किया था. वह इस टीआरपी घोटले में गिरफ्तार किए गए 15वें व्यक्ति थे. उनसे पहले पुलिस ने बर्क के पूर्व सीओओ रामिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया गया था.
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