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सेशन कोर्ट से नहीं मिली बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को जमानत
मुंबई की सेशन कोर्ट ने टीआरपी मामले में जेल में बंद बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को जमानत देने से इंकार कर दिया.
लाइव ला की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने कोर्ट में जमानत देने का कड़ा विरोध किया. इस दौरान सरकारी वकील ने कहा, “पार्थो और अर्णब गोस्वामी के बीच मिले व्हाट्सएप चैट से साफ है कि यह टीआरपी छेड़छाड़ मामले में शामिल हैं.”
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट में सुनवाई के दौरान दासगुप्ता के वकील ने कहा कि, उनकी तबीयत खराब है और शुगर के मरीज होने के कारण उनकी जेल में और तबीयत खराब हो सकती है.
इससे पहले दासगुप्ता की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, इसके बाद शुक्रवार देर रात उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बता दें कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 55 वर्षीय दासगुप्ता को पुणे जिले में पिछले महीने तब गिरफ्तार किया था, जब वह गोवा से पुणे जा रहे थे. इसके बाद अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया था.
पुलिस ने कहा कि बार्क के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल रामगढ़िया से पूछताछ में पता चला कि वह दासगुप्ता की मिलीभगत से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) फर्जीवाड़े में शामिल थे. रामगढ़िया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
मुंबई की सेशन कोर्ट ने टीआरपी मामले में जेल में बंद बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को जमानत देने से इंकार कर दिया.
लाइव ला की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने कोर्ट में जमानत देने का कड़ा विरोध किया. इस दौरान सरकारी वकील ने कहा, “पार्थो और अर्णब गोस्वामी के बीच मिले व्हाट्सएप चैट से साफ है कि यह टीआरपी छेड़छाड़ मामले में शामिल हैं.”
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट में सुनवाई के दौरान दासगुप्ता के वकील ने कहा कि, उनकी तबीयत खराब है और शुगर के मरीज होने के कारण उनकी जेल में और तबीयत खराब हो सकती है.
इससे पहले दासगुप्ता की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी, इसके बाद शुक्रवार देर रात उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बता दें कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 55 वर्षीय दासगुप्ता को पुणे जिले में पिछले महीने तब गिरफ्तार किया था, जब वह गोवा से पुणे जा रहे थे. इसके बाद अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया था.
पुलिस ने कहा कि बार्क के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल रामगढ़िया से पूछताछ में पता चला कि वह दासगुप्ता की मिलीभगत से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) फर्जीवाड़े में शामिल थे. रामगढ़िया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
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