Newslaundry Hindi
ट्रैक्टर रैली में पत्रकारों पर हुई हिंसा की ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन ने की निंदा
26 जनवरी के दिन किसानों ने ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया था. शांतिपूर्ण आयोजन के वादों के बावजूद तीन अलग-अलग स्थलों से शुरू हुई इस रैली ने अंत में हिंसक रुख अपना लिया.
गाजीपुर बॉर्डर से निकली रैली दिल्ली के आईटीओ पहुंच गई जहां पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों पर भी हमला किया. रैली के दौरान ही अलग-अलग जगहों से पत्रकारों के साथ मारपीट की खबरें आती रहीं.
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने पत्रकारों पर हुई हिंसा की निंदा की है. फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा, “ट्रैक्टर रैली की कवरेज के दौरान दिल्ली में हिंसा फैलाने के उद्देश्य से कुछ अज्ञात लोगों द्वारा न्यूजएक्स और इंडिया न्यूज के चार पत्रकारों पर हमला किया गया और उन्हें धमकाया गया.”
लाल किले पर रिपोर्टिंग के दौरान एश्वर्या जैन का कुछ लोगों ने कॉलर पकड़कर धमकाया और मारपीट करते हुए वहां से हटने को मजबूर किया. इसके अलावा नांगलोई इलाके में अजीत श्रीवास्तव को कुछ प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से उन पर हमला किया, जबकि प्रिया सिंह और आदित्य नायर जो लाल किले से रिपोर्टिंग कर रहे थे, उन्हें धमकाते हुए वहां से जाने को कहा गया.
एनबीएफ के सेक्रेट्री जनरल आर जय कृष्ण ने कहा, “सार्वजनिक हित में अपने पेशेवर कर्तव्य के दौरान पत्रकारों पर मौखिक या शारीरिक हमले के किसी भी कृत्य की न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन कड़ी निंदा करता है. हम मांग करते हैं कि इस मामले में लिप्त अपराधियों के खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए और ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.”
बता दें कि इंडिया टुडे के भी कई पत्रकारों से साथ मारपीट की गई. चैनल के रिपोर्टर अंकित त्यागी ने बताया कि उनके कैमरामैन दिनेश पर लोगों ने रॉड से हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गए. अंकित ने बताया, “उपद्रव करने वाले लोग हाल ही में रैली में शामिल हुए थे. इनका पहले से ही प्लान था कि वह दिल्ली में उपद्रव मचाएंगे.”
चैनल के एक अन्य रिपोर्टर अरविंद ओझा और उनके कैमरामैन पर भी हमला किया गया. कैमरामैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. 26 जनवरी की शाम को ही चैनल के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी ग्राउंड पर गए, लेकिन किसानों ने उनसे बात करने से मना करते हुए कहा कि, “आप गोदी मीडिया हो.”
26 जनवरी के दिन किसानों ने ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया था. शांतिपूर्ण आयोजन के वादों के बावजूद तीन अलग-अलग स्थलों से शुरू हुई इस रैली ने अंत में हिंसक रुख अपना लिया.
गाजीपुर बॉर्डर से निकली रैली दिल्ली के आईटीओ पहुंच गई जहां पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों पर भी हमला किया. रैली के दौरान ही अलग-अलग जगहों से पत्रकारों के साथ मारपीट की खबरें आती रहीं.
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने पत्रकारों पर हुई हिंसा की निंदा की है. फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा, “ट्रैक्टर रैली की कवरेज के दौरान दिल्ली में हिंसा फैलाने के उद्देश्य से कुछ अज्ञात लोगों द्वारा न्यूजएक्स और इंडिया न्यूज के चार पत्रकारों पर हमला किया गया और उन्हें धमकाया गया.”
लाल किले पर रिपोर्टिंग के दौरान एश्वर्या जैन का कुछ लोगों ने कॉलर पकड़कर धमकाया और मारपीट करते हुए वहां से हटने को मजबूर किया. इसके अलावा नांगलोई इलाके में अजीत श्रीवास्तव को कुछ प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से उन पर हमला किया, जबकि प्रिया सिंह और आदित्य नायर जो लाल किले से रिपोर्टिंग कर रहे थे, उन्हें धमकाते हुए वहां से जाने को कहा गया.
एनबीएफ के सेक्रेट्री जनरल आर जय कृष्ण ने कहा, “सार्वजनिक हित में अपने पेशेवर कर्तव्य के दौरान पत्रकारों पर मौखिक या शारीरिक हमले के किसी भी कृत्य की न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन कड़ी निंदा करता है. हम मांग करते हैं कि इस मामले में लिप्त अपराधियों के खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए और ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.”
बता दें कि इंडिया टुडे के भी कई पत्रकारों से साथ मारपीट की गई. चैनल के रिपोर्टर अंकित त्यागी ने बताया कि उनके कैमरामैन दिनेश पर लोगों ने रॉड से हमला कर दिया, जिसमें वह घायल हो गए. अंकित ने बताया, “उपद्रव करने वाले लोग हाल ही में रैली में शामिल हुए थे. इनका पहले से ही प्लान था कि वह दिल्ली में उपद्रव मचाएंगे.”
चैनल के एक अन्य रिपोर्टर अरविंद ओझा और उनके कैमरामैन पर भी हमला किया गया. कैमरामैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. 26 जनवरी की शाम को ही चैनल के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी ग्राउंड पर गए, लेकिन किसानों ने उनसे बात करने से मना करते हुए कहा कि, “आप गोदी मीडिया हो.”
Also Read
-
‘I didn’t know my name was deleted’: Voters in Okhla on the pre-SIR ‘clean-up’
-
Independent journalists reporting on MP child deaths face surveillance, have Instagram accounts disabled
-
‘Just colleagues disagreeing’: How the Election Commission rift played out on TV news
-
Long queues, voters in limbo: In Delhi seat with largest SIR deletions
-
‘ऑफिस के मतभेद’: चुनाव आयोग विवाद पर टीवी मीडिया का ‘डैमेज कंट्रोल’