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सूचना मंत्रालय ने बार्क को सस्पेंड रेटिंग पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को एक पत्र लिखकर कहा है कि सस्पेंड रेटिंग सिस्टम पर अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखें.
मीडिया फॉर एक्सचेंज की खबर के मुताबिक, 15 फरवरी को बार्क को लिखे पत्र में मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी पी नागराजन ने कहा, “जैसा की आप (बार्क) को पता है कि मंत्रालय द्वारा एक कमेटी का गठन 4 नवंबर 2020 को मौजूदा टीआरपी प्रणाली की कमियों का अध्ययन और परीक्षण करने और मजबूत, विश्वसनीय और पारदर्शी रेटिंग प्रणाली के लिए प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने का प्रस्ताव शामिल है.
“प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेंपति की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है, जिसकी जांच चल रही है. ऐसे में बार्क को वर्तमान में यथास्थिति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया जाता है.”
बता दें कि यह पत्र ऐसे समय में लिखा गया है जब मांग की जा रही थी कि बार्क रेटिंग को फिर से जारी किया जाए. पिछले महीने अर्णब गोस्वामी की अध्यक्षता वाले न्यूज़ ब्राडकॉस्टर फेडरेशन (एनबीएफ) ने बार्क को पत्र लिखकर रेटिंग जारी करने की मांग की थी. इसमें कहा गया था कि रेटिंग जारी ना होने की वजह से चैनलों का बहुत आर्थिक नुकसान हो रहा है.
बार्क को पत्र लिखने के बाद एनबीएफ ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर को भी रेटिंग फिर से जारी करने की मांग की थी. पत्र में कहा गया था कि पहले भी रेटिंग में छेड़छाड़ की खबरें आती रही हैं, लेकिन इसमें सुधार तभी किया जा सकता है जब रेटिंग से संबंधित डाटा चालू हो. यह सुधार एक प्रोसेस का पार्ट है, इसलिए एनबीएफ मांग करता है कि मंत्रालय इस मामले में हस्तक्षेप करे.
गौरतलब है कि देश के मुख्य मीडिया संस्थानों के संगठन न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने अभी तक बार्क को फिर से रेटिंग जारी करने को लेकर कोई पत्र नहीं लिखा है. लेकिन संस्था ने बार्क से रेटिंग सिस्टम में हो रही छेड़छाड़ को रोकने को लेकर पत्र लिखा था.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को एक पत्र लिखकर कहा है कि सस्पेंड रेटिंग सिस्टम पर अगले आदेश तक यथास्थिति बनाए रखें.
मीडिया फॉर एक्सचेंज की खबर के मुताबिक, 15 फरवरी को बार्क को लिखे पत्र में मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी पी नागराजन ने कहा, “जैसा की आप (बार्क) को पता है कि मंत्रालय द्वारा एक कमेटी का गठन 4 नवंबर 2020 को मौजूदा टीआरपी प्रणाली की कमियों का अध्ययन और परीक्षण करने और मजबूत, विश्वसनीय और पारदर्शी रेटिंग प्रणाली के लिए प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने का प्रस्ताव शामिल है.
“प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेंपति की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है, जिसकी जांच चल रही है. ऐसे में बार्क को वर्तमान में यथास्थिति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया जाता है.”
बता दें कि यह पत्र ऐसे समय में लिखा गया है जब मांग की जा रही थी कि बार्क रेटिंग को फिर से जारी किया जाए. पिछले महीने अर्णब गोस्वामी की अध्यक्षता वाले न्यूज़ ब्राडकॉस्टर फेडरेशन (एनबीएफ) ने बार्क को पत्र लिखकर रेटिंग जारी करने की मांग की थी. इसमें कहा गया था कि रेटिंग जारी ना होने की वजह से चैनलों का बहुत आर्थिक नुकसान हो रहा है.
बार्क को पत्र लिखने के बाद एनबीएफ ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेड़कर को भी रेटिंग फिर से जारी करने की मांग की थी. पत्र में कहा गया था कि पहले भी रेटिंग में छेड़छाड़ की खबरें आती रही हैं, लेकिन इसमें सुधार तभी किया जा सकता है जब रेटिंग से संबंधित डाटा चालू हो. यह सुधार एक प्रोसेस का पार्ट है, इसलिए एनबीएफ मांग करता है कि मंत्रालय इस मामले में हस्तक्षेप करे.
गौरतलब है कि देश के मुख्य मीडिया संस्थानों के संगठन न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने अभी तक बार्क को फिर से रेटिंग जारी करने को लेकर कोई पत्र नहीं लिखा है. लेकिन संस्था ने बार्क से रेटिंग सिस्टम में हो रही छेड़छाड़ को रोकने को लेकर पत्र लिखा था.
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