अनुराग ठाकुर, अमीष देवगन और हिंदू देवता हनुमान की तस्वीर. पृष्ठभूमि में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता दिख रही हैं.
NL Tippani

अनुराग ठाकुर अंतरिक्ष में, पत्रकारिता पाताल में, बीच में डंकापति

हस्तिनापुर का माहौल बहुत हंगामेदार हो गया था, या कहें कि पूरे आर्यावर्त का माहौल ही हंगामाखेज़ हो चला था. राजकुंवर पाटलीपुत्र में वोटचोरी यात्रा निकाल रहे थे. डंकापति पाटलीपुत्र की यात्रा पर थे. धृतराष्ट्र लंबे वक्त से दरबार से गायब थे. इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. बरसात भी जमकर हो रही थी, संजय भी थे, मौका भी था और दस्तूर भी, सो दरबार सज गया. 

गोली मारो वाले अनुराग भाई ठाकुर पूरी नई पीढ़ी को बर्बाद करने का रेडीमेड नुस्खा लेकर आए हैं. पहले गोली मारो की शिक्षा और अब तबाही का मंत्र जो कहने से ज्यादा देखने-सुनने लायक है.

Also Read: बहन-बेटी के बचाव में, चुनाव आयोग मैदान में

Also Read: चुनाव आयोग का फ़ज़ीता, राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और धराली आपदा का सच