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असम: खबर से नाराज भूमाफिया और जुआरियों ने पत्रकार को खंभे से बांधकर पीटा
असम में पत्रकारों के खिलाफ हो रहे हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला करुप जिले का है जहां एक पत्रकार को खंभे से बांधकर कुछ लोग उसकी पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं. पत्रकार की पिटाई वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग अब आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे पत्रकार असम के दैनिक अखबार ‘प्रतिदिन’ में काम करने वाले 42 वर्षीय मिलन महंता हैं, जो करुप जिले में रहते हैं. वह काफी सालों से क्राइम पर रिपोर्ट करते रहे हैं.
मिलन महंता को गर्दन, सिर और कानों पर चोट आई हैं. जिसके बाद उन्होंने पलाश बारी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई है. एफआईआर में उन्होंने बताया है कि उन पर हमला करने वाले स्थानीय भूमाफिया और जुआरी थे. पुलिस ने इस हमले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
महंता ने एनडीटीवी को बताया कि, हाल ही में असम में दिवाली के पहले ग्रामीण इलाकों में बढ़ जाने वाले जुए के चलन पर न्यूज रिपोर्ट की सीरीज पूरी की थी. जिसके कारण वे मुझे मारना चाहते थे. उन्होंने उन लोगों पर भी हमला करने की कोशिश की जो मुझे बचाने के लिए आगे आए.
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही स्थानीय टेलीविजन चैनल के पत्रकार पराग भुइंया की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. पत्रकार की मौत पर परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह हत्या है क्योंकि उसने अपने इलाके में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को उजागर किया था.
असम में पत्रकारों के खिलाफ हो रहे हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला करुप जिले का है जहां एक पत्रकार को खंभे से बांधकर कुछ लोग उसकी पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं. पत्रकार की पिटाई वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग अब आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे पत्रकार असम के दैनिक अखबार ‘प्रतिदिन’ में काम करने वाले 42 वर्षीय मिलन महंता हैं, जो करुप जिले में रहते हैं. वह काफी सालों से क्राइम पर रिपोर्ट करते रहे हैं.
मिलन महंता को गर्दन, सिर और कानों पर चोट आई हैं. जिसके बाद उन्होंने पलाश बारी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई है. एफआईआर में उन्होंने बताया है कि उन पर हमला करने वाले स्थानीय भूमाफिया और जुआरी थे. पुलिस ने इस हमले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
महंता ने एनडीटीवी को बताया कि, हाल ही में असम में दिवाली के पहले ग्रामीण इलाकों में बढ़ जाने वाले जुए के चलन पर न्यूज रिपोर्ट की सीरीज पूरी की थी. जिसके कारण वे मुझे मारना चाहते थे. उन्होंने उन लोगों पर भी हमला करने की कोशिश की जो मुझे बचाने के लिए आगे आए.
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही स्थानीय टेलीविजन चैनल के पत्रकार पराग भुइंया की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. पत्रकार की मौत पर परिजनों ने आरोप लगाया था कि यह हत्या है क्योंकि उसने अपने इलाके में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को उजागर किया था.
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