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एनएल चर्चा 147: रिपब्लिक टीवी पर जुर्माना, नेपाल की राजनीतिक उठापटक और अन्य
एनएल चर्चा के 147वें एपिसोड में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन, जम्मू कश्मीर में डीडीसी चुनाव के नतीजे, अपनी पार्टी से निकाले गए नेपाल के पीएम केपी ओली, अर्णब गोस्वामी के शो पर ब्रिटिश नियामक ने लगाया 20,000 यूरो का जुर्माना और हरिणाया में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का घेराव करते किसान समेत कई मसलों पर बातचीत हुई.
इस बार चर्चा में प्रभात खबर अखबार के दिल्ली प्रभारी प्रकाश के रे, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और सह संपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
अतुल ने चर्चा की शुरुआत अर्णब गोस्वामी के मामले से की जिसमें उनके चैनल पर जुर्माना लगाया है. सवाल हैं कि जिस चीज के लिए ब्रिटेन में जुर्माना लगाया गया लेकिन भारत में उनके ऐसे अनगिनत कारनामों के लिए एक नोटिस तक नहीं भेजा गया. हम जानते हैं कि उन्होंने कई नियमों का उल्लंघन अपने शो के दौरान किया हैं. कई बार न्यूज़लॉन्ड्री ने उनका खुलासा भी किया है. अतुल ने मेघनाथ से इस पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी.
मेघनाथ कहते हैं, “यह जुर्माना जो लगा वह पाकिस्तान के खिलाफ घृणा फैलाने वाले शब्दों का उपयोग करने के लिए लगाया गया लेकिन भारत में कभी इस तरह का जुर्माना नहीं लगेगा क्योंकि यहां हर दिन अलग-अलग चैनलों के एकंर पाकिस्तान के खिलाफ बोलते रहते है. यह भारत में सामान्य बात हो गई है. हमने कभी उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ उपयोग की गई भाषा को लिए कॉलआउट नहीं किया, इसका कारण हैं कि शायद हम पाकिस्तान के खिलाफ उपयोग की जाने वाली भाषा के आदी बन चुके हैं.”
इस मुद्दे पर प्रकाश के रे कहते हैं, “भारत ने ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली को तो अपना लिया लेकिन उसके अंदर निहित लोकतंत्र की नैतिकता को हमने ग्रहण नहीं किया है. यह पहला मौका नहीं हैं जब किसी ब्रिटिश संस्था ने किसी चैनल या अख़बार पर जुर्माना लगाया हैं, उससे पहले फेसबुक, रुपर्ट मर्डोक के ब्रिटिश टैब्लायड अखबार- ‘न्यूज आफ द वर्ल्ड’ पर भी जुर्माना लगाया जा चुका है. लेकिन भारत में इस तरह की कार्रवाई नहीं होती, उल्टे कहा जाता हैं कि आप इसे ना देखे. रिमोट कंट्रोल है आपके हाथ में. हम इस तरह के मामले को साधारण मानकर व्यवहार करने लगे है, क्योंकि हमारे यहां कि मुख्यधारा मीडिया एक ही ढर्रे पर चल रही है. जिन्हें कहीं ना कहीं सरकारी संरक्षण प्राप्त है.”
अतुल यहां पर शार्दूल को चर्चा में शामिल करते हुए उनकी इस विषय पर प्रतिक्रिया लेते है.
शार्दूल कहते हैं, “ब्रिटेन की संस्था ने जिस शो के लिए जुर्माना लगाया हैं असल में उसका निचोड़ यह हैं कि आप मनगढ़ंत आरोप किसी के ऊपर नहीं लगा सकते हैं. मुझे नहीं लगता हैं कि इस जुर्माने से भारत में कोई फर्क पड़ेगा क्योंकि उसका कारण हैं कि उसका जड़ कहीं और है. चैनलों को कंट्रोल करने वाले दूसरे लोग है. अगर भारत में इस तरह के जुर्माना लगना शुरू हुआ तो कई चैनलों को अपना चैनल बंद करना पड़ सकता है.”
यहां अतुल हस्तक्षेप करते हुए कहते हैं, “अपने देश में न सही बाहर ही अगर इस तरह के चैनलों पर कार्रवाई होगी तो चैनलों में एक डर पैदा होगा और वो अपने कंटेट में बदलाव कर सकते हैं. हमारे यहां संस्थाएं इतनी ईमानदारी से काम नहीं कर रही हैं तो बाहरी दबाव में ही कोई सुखद बदलाव आए.”
इस पर शार्दूल कहते है, “इस जुर्माने से कंटेट में बदलाव को लेकर दवाब तो बन सकता हैं लेकिन अगर आप देखे कि कई ऐसे चैनल हैं जैसे की सुर्दशन चैनल जो दिन भर भड़काऊ ख़बरें दिखाते रहते है. जो जुर्माना लगाने की बात भारत में है तो, अगर इस तरह को कोई जुर्माना लगा जाता तो अभी तक सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर दो फाड़ हो चुके होते क्योंकि हमारे यहां हर चीज में राजनीति घुस गई है.”
टाइम कोड
00:00 - प्रस्तावना और हेडलाइन
01:01:00 - सलाह और सुझाव
क्या देखा पढ़ा और सुना जाए.
सलाह और सुझाव
प्रकाश के रे
मेधनाथ एस
न्यूज़लॉन्ड्री पॉडकास्ट: लेट्स टॉक अबाउट
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री पर प्रकाशित एनएल सेना सीरीज- क्या होगा अगर आप हर साल बेघर हो जाएं?
डीडीसी चुनावों पर इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित लेख
अतुल चौरसिया
कोरोना वायरस पर शेखर गुप्ता का कट द क्लटर
लव जिहाद पर न्यूज़लॉन्ड्री की ग्राउंड रिपोर्ट
***
प्रोड्यूसर- लिपि वत्स
रिकॉर्डिंग - लिपि वत्स
एडिटिंग - सतीश कुमार
ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह
***
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एनएल चर्चा के 147वें एपिसोड में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन, जम्मू कश्मीर में डीडीसी चुनाव के नतीजे, अपनी पार्टी से निकाले गए नेपाल के पीएम केपी ओली, अर्णब गोस्वामी के शो पर ब्रिटिश नियामक ने लगाया 20,000 यूरो का जुर्माना और हरिणाया में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का घेराव करते किसान समेत कई मसलों पर बातचीत हुई.
इस बार चर्चा में प्रभात खबर अखबार के दिल्ली प्रभारी प्रकाश के रे, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और सह संपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
अतुल ने चर्चा की शुरुआत अर्णब गोस्वामी के मामले से की जिसमें उनके चैनल पर जुर्माना लगाया है. सवाल हैं कि जिस चीज के लिए ब्रिटेन में जुर्माना लगाया गया लेकिन भारत में उनके ऐसे अनगिनत कारनामों के लिए एक नोटिस तक नहीं भेजा गया. हम जानते हैं कि उन्होंने कई नियमों का उल्लंघन अपने शो के दौरान किया हैं. कई बार न्यूज़लॉन्ड्री ने उनका खुलासा भी किया है. अतुल ने मेघनाथ से इस पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी.
मेघनाथ कहते हैं, “यह जुर्माना जो लगा वह पाकिस्तान के खिलाफ घृणा फैलाने वाले शब्दों का उपयोग करने के लिए लगाया गया लेकिन भारत में कभी इस तरह का जुर्माना नहीं लगेगा क्योंकि यहां हर दिन अलग-अलग चैनलों के एकंर पाकिस्तान के खिलाफ बोलते रहते है. यह भारत में सामान्य बात हो गई है. हमने कभी उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ उपयोग की गई भाषा को लिए कॉलआउट नहीं किया, इसका कारण हैं कि शायद हम पाकिस्तान के खिलाफ उपयोग की जाने वाली भाषा के आदी बन चुके हैं.”
इस मुद्दे पर प्रकाश के रे कहते हैं, “भारत ने ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली को तो अपना लिया लेकिन उसके अंदर निहित लोकतंत्र की नैतिकता को हमने ग्रहण नहीं किया है. यह पहला मौका नहीं हैं जब किसी ब्रिटिश संस्था ने किसी चैनल या अख़बार पर जुर्माना लगाया हैं, उससे पहले फेसबुक, रुपर्ट मर्डोक के ब्रिटिश टैब्लायड अखबार- ‘न्यूज आफ द वर्ल्ड’ पर भी जुर्माना लगाया जा चुका है. लेकिन भारत में इस तरह की कार्रवाई नहीं होती, उल्टे कहा जाता हैं कि आप इसे ना देखे. रिमोट कंट्रोल है आपके हाथ में. हम इस तरह के मामले को साधारण मानकर व्यवहार करने लगे है, क्योंकि हमारे यहां कि मुख्यधारा मीडिया एक ही ढर्रे पर चल रही है. जिन्हें कहीं ना कहीं सरकारी संरक्षण प्राप्त है.”
अतुल यहां पर शार्दूल को चर्चा में शामिल करते हुए उनकी इस विषय पर प्रतिक्रिया लेते है.
शार्दूल कहते हैं, “ब्रिटेन की संस्था ने जिस शो के लिए जुर्माना लगाया हैं असल में उसका निचोड़ यह हैं कि आप मनगढ़ंत आरोप किसी के ऊपर नहीं लगा सकते हैं. मुझे नहीं लगता हैं कि इस जुर्माने से भारत में कोई फर्क पड़ेगा क्योंकि उसका कारण हैं कि उसका जड़ कहीं और है. चैनलों को कंट्रोल करने वाले दूसरे लोग है. अगर भारत में इस तरह के जुर्माना लगना शुरू हुआ तो कई चैनलों को अपना चैनल बंद करना पड़ सकता है.”
यहां अतुल हस्तक्षेप करते हुए कहते हैं, “अपने देश में न सही बाहर ही अगर इस तरह के चैनलों पर कार्रवाई होगी तो चैनलों में एक डर पैदा होगा और वो अपने कंटेट में बदलाव कर सकते हैं. हमारे यहां संस्थाएं इतनी ईमानदारी से काम नहीं कर रही हैं तो बाहरी दबाव में ही कोई सुखद बदलाव आए.”
इस पर शार्दूल कहते है, “इस जुर्माने से कंटेट में बदलाव को लेकर दवाब तो बन सकता हैं लेकिन अगर आप देखे कि कई ऐसे चैनल हैं जैसे की सुर्दशन चैनल जो दिन भर भड़काऊ ख़बरें दिखाते रहते है. जो जुर्माना लगाने की बात भारत में है तो, अगर इस तरह को कोई जुर्माना लगा जाता तो अभी तक सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर दो फाड़ हो चुके होते क्योंकि हमारे यहां हर चीज में राजनीति घुस गई है.”
टाइम कोड
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01:01:00 - सलाह और सुझाव
क्या देखा पढ़ा और सुना जाए.
सलाह और सुझाव
प्रकाश के रे
मेधनाथ एस
न्यूज़लॉन्ड्री पॉडकास्ट: लेट्स टॉक अबाउट
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री पर प्रकाशित एनएल सेना सीरीज- क्या होगा अगर आप हर साल बेघर हो जाएं?
डीडीसी चुनावों पर इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित लेख
अतुल चौरसिया
कोरोना वायरस पर शेखर गुप्ता का कट द क्लटर
लव जिहाद पर न्यूज़लॉन्ड्री की ग्राउंड रिपोर्ट
***
प्रोड्यूसर- लिपि वत्स
रिकॉर्डिंग - लिपि वत्स
एडिटिंग - सतीश कुमार
ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह
***
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