एनएल टिप्पणी: कोरोना पर मिथक थोड़ने का भ्रम फैलाते चैनल और फांसी का पोस्टमॉर्टम

दिन ब दिन की इंटरनेट बहसों और विवादों पर संक्षिप्त टिप्पणी.

  • whatsapp
  • copy

कोरोना वायरस का कोहरा घना होता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार देश को

संदेश दिया. उन्होंने 21 दिन तक देश को लॉडाउन करने का ऐलान किया. आइसोलेशन,

क्वारेंटाइन के माहौल में आम लोगों से नियमित संवाद एक अच्छी रणनीति है. इससे लोगों

का भरोसा मजबूत होता है. लेकिन प्रधानमत्री के संदेश में कुछ बेहद जरूरी बातों का जिक्र

नहीं था. 21 दिन के लॉकडाउन का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ा है. इस बीच न्यूज़

चैनलों ने कोरोना संकट का जमकर दोहन किया है. किस तरह? उसके लिए यह पूरा वीडियो

देखिए...

Also Read : कोरोना वायरस: किन बातों का ध्यान रखें मीडियाकर्मी
Also Read : क्या-क्या करें भारतीय पत्रकार कोरोना वायरस से बचाव के लिए
newslaundry logo

Pay to keep news free

Complaining about the media is easy and often justified. But hey, it’s the model that’s flawed.

You may also like