डंकापति का मोर-प्रेम और चैनलों पर सुशांत की मौत सुलझाते भांति-भांति के जंतु

दिन ब दिन की इंटरनेट बहसों और विवादों पर संक्षिप्त टिप्पणी.

  • whatsapp
  • copy

इस बार की टिप्पणी में फिर से धृतराष्ट्र-संजय संवाद की वापसी. इसके अलावा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को तमाशा बनाने वाले खबरिया चैनलों की कुछ शर्मनाक कहानियां.

धृतराष्ट्र-संजय संवाद के बहाने इस बार जेईई-नीट के विद्यार्थियों का संकट, देश में बाढ़ और प्रधानमंत्री के मोर-प्रेम की चर्चा. साथ में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन यानी एंवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट संबंधी अधिसूचना की व्याख्या.

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी. सुशांत की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का कारवां खबरिया चैनलों पर डिप्रेशन के चलते आत्महत्या से शुरू हुआ था, फिर बात रिया चक्रवर्ती के षडयंत्र में फंसकर आत्महत्या की आई और इसके बाद चैनलों ने हमें बताया कि उनकी असल में हत्या हुई है. जासूस करमचंद को मात देती खबरिया चैनलों की जांच पड़ताल ने कैसे कैसे चरित्र आपके सामने परोसे, उनका एक समग्र आकलन.

Also Read : एक सुशांत के बहाने हर दिन हजार मौत मर रही टेलीविज़न पत्रकारिता
newslaundry logo

Pay to keep news free

Complaining about the media is easy and often justified. But hey, it’s the model that’s flawed.

You may also like