इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा एक बार फिर चुने गए एनबीए के अध्यक्ष

एनबीए समाचार प्रसारकों का सबसे बड़ा संगठन है जिसमें देश के लगभग सभी प्रमुख समाचार नेटवर्क शामिल हैं.

इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा एक बार फिर चुने गए एनबीए के अध्यक्ष
  • whatsapp
  • copy

इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा एक बार फिर से न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) के अध्यक्ष चुने गए हैं. एनबीए ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.

एनबीए बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से इंडिया टीवी के प्रमुख और प्रधान संपादक रजत शर्मा को 2020-2021 के लिए अध्यक्ष पद पर बने रहने को कहा गया है. इसके अलावा बोर्ड ने न्यूज़-24 ब्रॉडकास्ट इंडिया लिमिटेड की अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अनुराधा प्रसाद शुक्ला को उपाध्यक्ष चुना, वहीं टाइम्स नेटवर्क- बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमके आनंद को कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया है.

बता दें कि रजत शर्मा साल 2014-2015 में पहली बार एनबीए के अध्यक्ष चुने गए थे. तब से लेकर वह अभी तक इस संस्था के अध्यक्ष पद पर हैं. इस बीच केवल एक साल 2016-2017 में वह इस पद पर नहीं थे.

अध्यक्ष चुने जाने के बाद बैठक को संबोधित करते हुए रजत शर्मा ने कहा, “कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर के व्यवसायों में व्यवधान आया है. समाचार प्रसारक भी इस व्यवधान से नहीं बच सके हैं. रातों-रात सब कुछ बदल गया.”

“समाचार चैनलों के रूप में हमारी जिम्मेदारी उस समय कई गुना बढ़ गई जब सरकार ने हमें 'आवश्यक सेवाएं' घोषित किया. शर्मा ने कहा, "हमारे सदस्यों ने सभी कठिनाइयों का सामना किया और सुनिश्चित किया कि बिना किसी अड़चन के समाचार प्रसारित हों. लॉकडाउन के दौरान, समाचार चैनलों की दर्शकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई.

उन्होंने कहा कि एनबीए पत्रकारों, कैमरामैन और संपादकीय कर्मचारियों को सलाम करता है जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डाल कर यह सुनिश्चित किया कि महामारी की खबरें और सूचना लाखों दर्शकों तक पहुंचे.

इस दौरान शर्मा ने कहा, "इस साल कुछ ऐसे चैनलों द्वारा अनियमित आपत्तिजनक सामग्री की अभूतपूर्व चुनौती भी देखी गई, जो एनबीए के सदस्य नहीं हैं. मुझे यह साझा करने में खुशी हो रही है कि एनबीए के सदस्य इस चुनौती से मुकाबला करने के लिए एकजुट रहे.”

NBA.pdf
download
Also Read : टीवी-9 भारतवर्ष और बार्क की रेटिंग व्यवस्था के बीच एनबीए के जरिए हमलावर रजत शर्मा
Also Read : ऑनलाइन मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म भी अब सरकारी निगरानी के फंदे में
newslaundry logo

Pay to keep news free

Complaining about the media is easy and often justified. But hey, it’s the model that’s flawed.

You may also like