नवदीप कौर- "गिरफ्तार करने के बाद घंटों तक बेरहमी से पीटा और गालियां दीं"

जेल से लौटीं मज़दूर अधिकार संगठन की कार्यकर्ता नवदीप कौर ने न्यूज़लॉन्ड्री से बताई जेल से बेल तक की पूरी कहानी.

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मज़दूर अधिकार संगठन की कार्यकर्ता नवदीप कौर को कुंडली इंडस्ट्रियल इलाके से 12 जनवरी की दोपहर को गिरफ्तार किया गया था. उसके कुछ दिनों बाद संगठन के प्रमुख शिव कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

12 जनवरी को नवदीप कौर और अज्ञात के खिलाफ कुंडली थाने में दो एफआईआर दर्ज हुईं. एफआईआर संख्या 25 जो एसएचओ रवि कुमार ने दर्ज कराई है, वहीं एफआईआर संख्या 26 एक कंपनी के अकाउंटेंट द्वारा दर्ज कराई गई है.

इससे पहले 28 दिसंबर को भी नवदीप कौर पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी जो कुंडली इंडस्ट्रियल इलाके में कंपनियों की देख-रेख करने वाली एक सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई थी.

शुक्रवार को नवदीप कौर को हरियाणा-पंजाब हाइकोर्ट से जमानत मिल गई. करीब 45 दिन करनाल जेल में रहने के बाद वह वापस सिंघु बॉर्डर लौट आईं जहां से वो मज़दूरों के हक़ के लिए संघर्ष कर रही थीं.

न्यूजलॉन्ड्री ने नवदीप कौर से बात की. 12 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ था. क्या आपके साथ मारपीट हुई थी. इस सवाल के जवाब में कौर कहती हैं, "गिरफ्तारी के समय कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. मेरे बाल पकड़कर खींचा गया. मुझे वहां से कुंडली थाने में लाकर मारा गया. देर शाम को पुलिस मुझे सोनीपत लेकर गई और रात में करनाल जेल में भेज दिया गया. मारपीट के दौरान मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी मारा गया. मैं दलित हूं तो मुझे जातिसूचक गालियां दी गईं."

नवदीप कौर पर दर्ज तीनों एफआईआर में उनपर कंपनी मालिकों से वसूली का आरोप लगा था. इसके अलावा पुलिस ने हथियार छिनने और मारपीट करने का आरोप लगाया था. नवदीप के साथ गिरफ्तार हुए शिव कुमार की हाल में मेडिकल रिपोर्ट आई है. जिसमें चोट लगने की बात की गई है. इन तमाम सवालों को लेकर हमने नौदीप से बात की है.

देखें पूरी बातचीत-

Also Read : नवदीप कौर और शिव कुमार की गिरफ्तारी और उगाही का सच
Also Read : एबीपी न्यूज रिपोर्टर रक्षित सिंह ने किसान महापंचायत के मंच से छोड़ी नौकरी

मज़दूर अधिकार संगठन की कार्यकर्ता नवदीप कौर को कुंडली इंडस्ट्रियल इलाके से 12 जनवरी की दोपहर को गिरफ्तार किया गया था. उसके कुछ दिनों बाद संगठन के प्रमुख शिव कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

12 जनवरी को नवदीप कौर और अज्ञात के खिलाफ कुंडली थाने में दो एफआईआर दर्ज हुईं. एफआईआर संख्या 25 जो एसएचओ रवि कुमार ने दर्ज कराई है, वहीं एफआईआर संख्या 26 एक कंपनी के अकाउंटेंट द्वारा दर्ज कराई गई है.

इससे पहले 28 दिसंबर को भी नवदीप कौर पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी जो कुंडली इंडस्ट्रियल इलाके में कंपनियों की देख-रेख करने वाली एक सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई थी.

शुक्रवार को नवदीप कौर को हरियाणा-पंजाब हाइकोर्ट से जमानत मिल गई. करीब 45 दिन करनाल जेल में रहने के बाद वह वापस सिंघु बॉर्डर लौट आईं जहां से वो मज़दूरों के हक़ के लिए संघर्ष कर रही थीं.

न्यूजलॉन्ड्री ने नवदीप कौर से बात की. 12 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ था. क्या आपके साथ मारपीट हुई थी. इस सवाल के जवाब में कौर कहती हैं, "गिरफ्तारी के समय कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. मेरे बाल पकड़कर खींचा गया. मुझे वहां से कुंडली थाने में लाकर मारा गया. देर शाम को पुलिस मुझे सोनीपत लेकर गई और रात में करनाल जेल में भेज दिया गया. मारपीट के दौरान मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी मारा गया. मैं दलित हूं तो मुझे जातिसूचक गालियां दी गईं."

नवदीप कौर पर दर्ज तीनों एफआईआर में उनपर कंपनी मालिकों से वसूली का आरोप लगा था. इसके अलावा पुलिस ने हथियार छिनने और मारपीट करने का आरोप लगाया था. नवदीप के साथ गिरफ्तार हुए शिव कुमार की हाल में मेडिकल रिपोर्ट आई है. जिसमें चोट लगने की बात की गई है. इन तमाम सवालों को लेकर हमने नौदीप से बात की है.

देखें पूरी बातचीत-

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