द वायर और मेटा के बीच चल रहे द्वंद का क्या है पूरा मामला?

द वायर ने अपनी मेटा कवरेज की आंतरिक समीक्षा की घोषणा करते हुए समीक्षा के नतीजे आने तक सभी रिपोर्ट्स को पोर्टल से हटा दिया है.

WrittenBy:तस्नीम फातिमा
Date:
   
  • Share this article on whatsapp

पिछले दो हफ़्तों से इंटरनेट पर फेसबुक-इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा और द वायर के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. द वायर ने अपनी एक रिपोर्ट में मेटा पर कुछ आरोप लगाए थे. रिपोर्ट में कहा गया कि कंटेंट मॉडरेशन यानी सोशल मीडिया पर क्या दिखना चाहिए और क्या नहीं, इस नीति के तहत कुछ लोगों को विशेषाधिकार दिए गए हैं.

इन आरोपों को मेटा ने निराधार और मनगढ़ंत बताया. द वायर ने मेटा के दावों का खंडन करते हुए एक फॉलो-अप रिपोर्ट प्रकाशित की. इसमें मेटा के एक इंटरनल ईमेल के हवाले से दावा किया गया कि कंपनी ने इस आरोप से जुड़े तथ्य लीक होने की बात मानी है. लेकिन ये बात यहीं ख़त्म नहीं हुई. ईमेल की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे.

‘द वायर’ ने इन आरोपों का खंडन किया. एक और रिपोर्ट में उसने दावा किया कि उसके पास सारे सबूत मौजूद हैं और उसके सबूतों पर सवाल उठाने वाले ग़लत हैं. इस तरह द वायर ने इस मुद्दे पर लगातार तीन रिपोर्ट प्रकाशित कीं.

सारांश के इस अंक में जानेंगे कि द वायर की यह रिपोर्ट क्या थी? मेटा ने क्या तर्क दिए थे और इस रिपोर्ट पर किस-किस तरह के सवाल उठ रहे हैं?

देखिए पूरा वीडियो-

subscription-appeal-image

Support Independent Media

The media must be free and fair, uninfluenced by corporate or state interests. That's why you, the public, need to pay to keep news free.

Contribute
subscription-appeal-image

Support Independent Media

The media must be free and fair, uninfluenced by corporate or state interests. That's why you, the public, need to pay to keep news free.

Contribute
Also see
article imageकैसे मेटा के शीर्ष पदाधिकारी के संबंध मोदी और बीजेपी के लिए काम करने वाली फर्म से हैं?
article imageभारत में हेट स्पीच और ध्रुवीकरण से जुड़े पोस्ट से फेसबुक को कोई दिक्कत नहीं

You may also like