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एनएल चर्चा 408: यूजीसी के समता नियमों पर बवाल और अजित पवार के बाद महाराष्ट्र की राजनीति

हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.

     

एनएल चर्चा में इस हफ्ते यूजीसी के नए दिशानिर्देशों और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत से पैदा हुई राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर विस्तार से बात हुई.

इसके अलावा यूजीसी के नए दिशानिर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतों का नाम महात्मा गांधी के नाम पर होगा, चार-धाम तीर्थ कमिटी गैर हिन्दुओं के केदारनाथ, बद्रीनाथ जैसे मंदिरों में प्रवेश वर्जित करने के प्रस्ताव पर कर रही है काम, मसूरी में कवि बुल्लेशाह की मज़ार पर शरारती तत्वों ने की तोड़फोड़, छत्तीसगढ़ में वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर मिड डे मील वर्कर्स का प्रदर्शन जारी, मध्यप्रदेश के एक स्कूल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में बच्चों को पुरानी किताबों पर हलवा पूरी बांटने से हुआ विवाद और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि वे एसआईआर प्रक्रिया के ज़रिए हटवा सकते हैं चार से पांच लाख मुसलमान वोटरों के नाम आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.

इस बातचीत में दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर अदिति पासवान और द न्यूज़ मिनट के संपादक सुदीप्तो मंडल शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक रमन किरपाल और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.

चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “यूजीसी की यह गाइडलाइन्स सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही बनाई गईं थीं, लेकिन जब यह गाइडलाइन आई तो उसके बाद तथाकथित सवर्णों का विरोध शुरू हो गया, फिर सुप्रीम कोर्ट ने ही इसपर रोक लगा दी.”

इस विषय पर अदिति कहती हैं, “यूजीसी के 2012 के नोटिफिकेशन में था कि अगर किसी के साथ कुछ ग़लत होता है, तो वह कहां जा सकता है, उसी नियम को वर्तमान समय में बढ़ती भेदभाव की घटनाओं के बढ़ने के बाद, और सख्त बनाकर लाया गया है, जो यूजीसी के लिए नया नियम है.”

सुनिए पूरी चर्चा -

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