एन एल इंटरव्यूजएन एल इंटरव्यूजफैसल मलिक से ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चा तक: जुनून, जिद और जमीन की कहानीअतुल चौरसिया
एन एल इंटरव्यूजएन एल इंटरव्यूज“देख रहा है बिनोद”: पंचायत से कल्ट-कथा बनने की दास्तानन्यूज़लॉन्ड्री टीम
The same 2 witnesses in 165 FIRs: How a young lawyer exposed Indore Police’s ‘stock witness’ malaiseSrinath Rao